मेरे अपने घर के भी सौ दर्द— मेरी राह देखते हैं।
कोई तेरा ही हमशक्ल है जो सोने नहीं देता…!
क्योंकि मोहब्बत में बस दर्द पाया है मैंने।
तो फिर इस बीमारी की दवा क्यों नहीं मिलती?
हम में तो तुम ही हो, तुम्हारे दिल की खुदा जाने…!
लड़कों की हँसी भी अक्सर आंसुओं में बदलती है।
गैर तो दिल दुखाने की हिम्मत भी नहीं करते।
अकेलेपन पर शायरी लिखने के लिए अपने दिल की तन्हाई, खामोशी और दर्द को सरल शब्दों में व्यक्त करें।
जख्म का निशा नही है और दर्द का इलाज नहीं…!
अगर तुम्हें खुशी मिलती है मुझे तड़पता देख कर,
अपना बनाकर फिर कुछ दिनों में बेगाना कर दिया,
दिल टूटने पर वो बातें लिखी जाती हैं जो अंदर का सारा दर्द शब्दों में उतार दें।
इन ज़ख़्मों से, इन सवालों से बहुत Sad Shayari in Hindi दूर हो जाऊँ…
ज़ख्म पुराने हुए कोई तो नया ज़ख्म दे जाओ